बंजारा नमक लाया

आवारा हूँ ... प्रभात की कविताओं की नई किताब ’बंजारा नमक लाया’ आई है. प्रभात हमारा दोस्त है. प्रभात की कविताएं हमारी साँझी थाती हैं. हम सबके लिए ख़ास हैं. कल पुस्तक मेले में ’एकलव्य’ पर उसकी नई किताब मिली तो मैं चहक उठा. आप भी पढ़ें इन कविताओं को, इनका स्वाद लें. मैं... [पूरी पोस्ट]
writer मिहिर

literatureगाँवकविता के देस मेंचकमक

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[06 Feb 2010 04:14 AM]

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