कविता की जुबानी-----

JHAROKHA आज कविता खुद अपनी दास्तां सुनाने आई है अपनी जुबान से अपने को आपका बनाने आई है। लोग कहते हैं मुझे पढ़ कर क्या हूं मैं कोई कहता है कविता तो दिल की आवाज है तो कोई उसे महज एक नजर देखकर समझता टाइम पास है किसी के लिये यह सिर्फ़ कोरी बकवास है तो किसी के लिये एक... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA

कविता

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[06 Feb 2010 03:56 AM]

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