जैन:प्राचीन इतिहास-14

गातांक से आगे....सात निन्हव व दिगम्बर-श्वेताम्बर सम्प्रदाय -ऊपर जिन गणों कुलों व शाखाओं का उल्लेख हुआ है, उनमें कोई विशेष सिद्धान्त-भेद नहीं पाया जाता। सिद्धान्त-भेद की अपेक्षा से हुए सात निन्हवों का उल्लेख पाया जाता है। पहला निन्हव महावीर के जीवन काल... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH
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[06 Feb 2010 03:12 AM]

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