झुग्गी वालों के बिना महलों में रौनक नहीं
देश में गरीबों की संख्या घटाने और बढ़ाने का खेल लम्बे समय से चल रहा है। वहीं गांव से पलायन कर रोटी के लिए हर तरह का अत्याचार और पीड़ा सहने वाले शहरों के झुग्गी-झोपड़ी के रहवासियों के विकास के नाम पर उन्हें वहां से हटाने की साजिश पूरे देश में चल रही है। कभी...
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EDHAR HAI
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[05 Feb 2010 06:42 AM]



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