कौटिल्य दर्शन-ऋणहीन व्यक्ति को ही राजकीय कार्य सौंपें
जो यद्वस्तु विजानाति तं तत्र विनियोजयेत्।अशेषविषयप्राप्तविन्द्रियार्थ इवेन्द्रियम्।।हिन्दी में भावार्थ-राज्य प्रमुख को चाहिये कि जो व्यक्ति संबंधित विषय का ज्ञाता हो उससे संबंधित विभाग और कार्य में ही उसे नियुक्त करे। जिस तरह समस्त इंद्रियां अपने गुणों...
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दीपक भारतदीप
आध्यात्म
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[04 Feb 2010 19:38 PM]



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