खास कर युवा दिलों के लिए फ़रवरी महीना स्पेशल-१
बढ़ गई कुछ लोगों की धड़कन,कुछ की धड़कन बंद,जब से चालू हुआ फ़रवरी,बाकी बातें बंद,बाकी बातें बंद इस कदर,रहा न कुछ भी याद,हुए फ़रवरी के चक्कर में,लाखों जन बर्बाद, लाखों जन बर्बाद,मगर कोई फ़र्क नहीं,प्यार बन गया है श्रद्धा,कोई तर्क नहीं, कोई तर्क नहीं,बस रेस...
[पूरी पोस्ट]
विनोद कुमार पांडेय
20
4
1
3
7
[04 Feb 2010 10:49 AM]



Shuffle








