दलित बनाम सवर्ण……क्या हर विवाद का दलिति करण आवश्यक है…..
वर्धा से बनारस तक बेबस दलित छात्र वो आज भी क्लास की पिछली सीट पर बैठते हैं। आज भी उन्हें अपने जैसे ही अन्य छात्रों के साथ बैठ कर खाना खाने से डर लगता है। आज भी उन्हें हमेशा इस बात का डर होता है कि किसी भी वक्त किसी भी बात को लेकर उनकी सारी काबिलियत को...
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मिहिरभोज
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[04 Feb 2010 06:39 AM]



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