जश्न-ए-आज़ादी,--एक वार्षिक कार्यक्रम !
हमें आज़ादी मिले ६२ साल हो गए और अपनी पीठ भी इसलिए हमने हर साल थपथपाई है। हम सभी इस समय 'राष्ट्र -भक्ति' के खुमार में थोड़ी देर के लिए भले डूब जाते हैं पर यह ऐसी भावना है जो निरंतरता के साथ होनी चाहिए। जिन लोगों ने जिन लोगों के लिए बाहरी ताकतों से संघर्ष...
[पूरी पोस्ट]
संतोष त्रिवेदी ♣ SANTOSH TRIVEDI
7
0
0
0
0
[14 Jan 2010 09:04 AM]



Shuffle








