सिर्फ़ तुम्हारे लिए !
१ जब भी देखता हूँ , कोई साँवली सी सूरत,तुम्हारा ही अक्श उसमें नज़र आता है। २जब भी सामना होता है तुमसे मेरा ,नज़रें झुकाके मुझको, दिल में छुपा लेती हो ? ३जब भी लेता है कोई तुम्हारा नाम,दिल मेरा चुपचाप तस्दीक करता है ! ४मुझे डूबने दो इन झील-सी आँखों...
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संतोष त्रिवेदी ♣ SANTOSH TRIVEDI
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[15 Jan 2010 11:09 AM]



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