जैन:प्राचीन इतिहास-13

गतांक से आगे.....प्राचीन ऐतिहासिक कालगणना -कल्पसूत्र स्थविराबली में उक्त आचार्य परम्परा के संबंध में काल का निर्देश नहीं पाया जाता। किन्तु धर्मघोषसूरि कृत दुषमकाल-श्रमणसंघ-स्तव नामक प्राकृत पट्टावली की अवचूरि में कुछ महत्त्वपूर्ण कालसंबंधी निर्देश पाये... [पूरी पोस्ट]
writer HEY PRABHU YEH TERA PATH
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[03 Feb 2010 10:31 AM]

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