इतनी ऊँचाई न देना ईश्वर [कविता] – प्रकाश पंकज
इतनी ऊँचाई न देना ईश्वर कि धरती पराई लगने लगे,इनती खुशियाँ भी न देना, दुःख पर किसी के हंसी आने लगे ।नहीं चाहिए ऐसी शक्ति जिसका निर्बल पर प्रयोग करूँ,नहीं चाहिए ऐसा भाव किसी को देख जल-जल मरूँ ।ऐसा ज्ञान मुझे न देना अभिमान जिसका होने लगे,ऐसी चतुराई भी न...
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[03 Feb 2010 02:30 AM]



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