Veer Bahuti
गज़लइस गज़ल को भी ादरणीय प्राण भाई साहिब ने संवारा है । आखिरी 3-4 शेर बाद मे लिखे थे जिन्हें अनुज प्रकाश सिंह अर्श ने संवारा है। धन्यवादी हूँ।गज़ल दर्द अपने सुनाना नहीं चाहतीज़ख्म दिल के दिखाना नहीं चाहतीअब न पूछो कि क्या साथ मेरे हुआमैं ...
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निर्मला कपिला
ग़ज़ल
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[02 Feb 2010 21:54 PM]



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