स्मृतियों का ढेर

ठिकाना दोछत्ति पर पड़ा कबाड़है स्मृतियों का ढेरया फिर विस्म्रतियों का................................तीन टांग की कुर्सीएक रंगहीन गुलदानछोटू का आधी सूड वाला हाथीघर का पहला श्वेत- श्याम टी वीऔर टीन का बहुत पुराना कनस्तरऔर भी बहुत कुछटूटा - फूटा ....जो नहीं टूटी... [पूरी पोस्ट]
writer Pratibha
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[02 Feb 2010 11:55 AM]

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