अस्सी ने मुझे प्यार दिया,लिखने की छूट दी और माफ़ भी किया:काशीनाथ सिंह
(कहा जाता है कि कथा (कहानी,उपन्यास,संस्मरण जिसमें इसके सरोकार होते हैं) लोकतांत्रिक विधा हैं.लेकिन कम ही कथाकार हैं जिनकी रचनाओं में पात्रों का जनतंत्र दिखाई देता है.वे कथाकार जिनकी पहचान जनवादी लेखक होने की है भी उनकी सभी रचनाओं में लोकतांत्रिक मूल्य...
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शशिभूषण
आयोजन
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[02 Feb 2010 05:46 AM]



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