नई दुनिया अपना विवेक और साख खो रहा है
30 जनवरी 2010 को नई दुनिया अख़बार में श्री आलोक मेहता का लेख ‘ बदलेगा लाल दीवार का रंग’ पढ़ा। लेख के शीर्षक ही से लगता है कि आलोकजी ने यह भविष्यवाणी की है। क्योंकि अभी प. बंगाल में चुनाव होना बाक़ी है। चुनाव के बाद मालूम होगा कि दीवार का रंग लाल ही है या...
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Sattu Patel
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[02 Feb 2010 04:40 AM]



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