लम्हे जो याद बन गए...

संवाद का सफर खुशी के अलफाज नहीं-1भीलवाड़ा संस्करण सम्पादकीय प्रभारी पद दायित्व संभाले मुझे अभी चार माह ही पूरे हुए। पत्रिका समूह की सालाना समीक्षा बैठक में हिस्सा लेने का मौका मिला। बैठक सात और आठ जनवरी को जयपुर के निकट पिंक पर्ल रिसोर्ट में रखी गई थी। पत्रिका समूह... [पूरी पोस्ट]
writer संतोष गुप्ता

लम्हे जो याद बन गए...

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[01 Feb 2010 11:34 AM]

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