शर्र्मींदगी अनजानी! -2
मुझे शर्र्मींदगी है। अनजानी शर्र्मींदगी। यह मेरी अंतश्चेतना की है। मैं जानता हूं जिस घटना पर मैं शर्र्मींदा हूं उसकी उन्हें खबर भी न होगी। वे बहुत सहज हैं। अत्यंत सहृदय भी। मेरे लिए वे परम आदरणीय हैं और मेरे उज्ज्वल भविष्य के जनक भी। उनकी सरलता का कोई...
[पूरी पोस्ट]
संतोष गुप्ता
लम्हे जो याद बन गए...
12
0
0
0
0
[25 Dec 2009 04:12 AM]



Shuffle








