बाट तेरी जोहती हूँ
आज भी मैं बाट तेरी जोहती हूँरात जब तू खो गया था आँख से चुपचाप बह करझर गया था एक अश्रुमन का आर्तनाद बन करपथ अभी भीगा हुआ हैनहीं बुहारा मैंने आँगनराह अब भी देखती हूँबाट तेरी जोहती हूँमाना ये जीवन है सुंदरहर इक क्षण है बहुत प्याराछोटी-छोटी खुशियों से...
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मानसी
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[01 Feb 2010 18:39 PM]



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