रात और दिन
एक बार दिन बोला,रात तू कितनी काली हैंचाँद के साथ रहती,जैसा की चाँद की साली हैं.चाँद भी कभी आंख तो कभीहल्किसी रौशनी मारता हैंकभी पूरी आंख खोलता हैं तो कभी बंद करता हैं रात बोली तेरे पास हैं उजाला ही उजाला...
[पूरी पोस्ट]
Truth or Dare
12
0
0
0
0
[01 Feb 2010 12:11 PM]



Shuffle







