हिन्दी के पारिभाषिक कोश बेकार की चीज़ हैं?
केन्द्रीय हिन्दी संस्थान और दिल्ली हिन्दी अकादमी के उपाध्यक्ष अशोक चक्रधर का कहना है कि उनका बस चले तो हिन्दी के सारे पारिभाषिक कोषों को खत्म कर दें।२८ जनवरी को हंसराज कालेज, दिल्ली में हिन्दी के भविष्य पथ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी में एक सत्र की अध्यक्षता...
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राहुल देव Rahul Dev
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[01 Feb 2010 09:02 AM]



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