हनुमान हो लिए राम विरोधी
राजनीति खेल का एक ऐसा मैदान है जहां हर कोई हमेशा अपना-अपना दाव चलता रहता है. यहां कुछ भी पहले से तय नहीं होता. इस मैदान का कोई भी रेफरी या अंपायर दावे से कुछ भी नहीं कह सकता. इधर हमेशा कोई न कोई खेल चलता रहता है. मजे की बात तो यह है कि...
[पूरी पोस्ट]
विकास
ख़बर से
12
0
0
0
2
[01 Feb 2010 05:11 AM]



Shuffle








