वक्त की बिल्ली
वक्त बिल्ली की तरहदबे पाँव आया मेरी बच्ची के पास.मैंने रसोई से देखा-बिल्ली म्याऊँ-म्याऊँ करने लगी.बच्ची ने पकड़ लिए दोनों कानतो आँख मिचमिचाकर रह गईवक्त की बिल्ली.बच्ची ने पकड़ी उसकी पूँछबिल्ली को मौका मिल गया,ज़ोर से काट लिया दूसरी बांह में.बिलबिलाकर रह...
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पूर्णिमा
कविता
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[28 Jan 2010 08:02 AM]



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