गाँधी ...साथ चले या पीछे

kahdo २ दिन पहले गाँधीजी की पुण्यतिथि थी....मुझे मुन्नाभाई याद आ गया...जिसे गाँधी ने कहा लोगो से कह दो मेरे बुत तोड़ दें ..रखना है तो मुझे दिल में रखें....पर लगता है दिल में रखने से काम कब तक चलेगा...दिल से निकाल कर गाँधी को यथार्थ में बदलें....बेहतर यह नहीं की... [पूरी पोस्ट]
writer boletobindas

कुछ करो

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[01 Feb 2010 03:04 AM]

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