कसर नही है स्याणै मै
यह कविता शेखावाटी के प्रसिद्ध कवि श्री भागीरथ सिहं भाग्य ने राजस्थानी भाषा में लिखी है नीचे राजस्थानी भाषा के कठिन शब्दों के हिन्दी अर्थ भी दिये है फिर भी किसी पाठक को समझ मे नही आए तो टिप्पणी या मेल द्वारा पूछ सकते है ।सुख को कनको उड़तो कीया काण राख दी...
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नरेश सिह राठौङ
कविता
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[01 Feb 2010 03:27 AM]



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