…अथ कोलकता मिलन कथा
पिछ्ले दिनों कोलकता जाना हुआ। हल्का सा अचानक। हल्का सा अचानक इसलिये जाने के एक हफ़्ते पहले ही दो दिन की एक ट्रेनिंग के लिये हमें सिटी ऑफ़ जॉय जाने को कहा गया। हम तुरंत तैयार हो गये। दुर्योधन के बायोग्राफ़र और चौपटस्वामी प्रियंकरजी को इत्तला दे दिये कि आ रहे...
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फ़ुरसतिया
शिवकुमार मिश्र
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[31 Jan 2010 12:31 PM]



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