पहले दुखों का मुक्त होना जरूरी है...

मौन के खाली घर मे-                                       ओम आर्य कुछ दुखों कों अस्तित्व में आना थामेरा शरीर काम आयामुक्त हुए वे देह पाकरमगर अपनी अंतिम यात्रा पेजाते-जातेवे राह बता गएऔर कई सारे दुखों कोऔर तब से उनकी आमदबदस्तूर जारी हैसोंचता हूँबहुत सारे सुख भी होंगेकतार मेंदेह पाकर प्रकट होने जाने के वास्ते खड़ेफिर... [पूरी पोस्ट]
writer ओम आर्य

दुःख

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[31 Jan 2010 08:06 AM]

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