अमां मुर्गों की लडाई देख रिया था, लो खां तुम भी देखो, वो मुटल्ले को देखो कैसे फडक रिया है ...
अबे पकड ना उसको, साला देखता नहीं क्या रकत आ रेला है। जा ले जा के मालिश कर। थोडा पानी जास्ती मार। ये वह शब्द थे जो मैंने कुछ मुर्गे लडाने वालों के मुंह से सुने थे जो...
[पूरी पोस्ट]
सतीश पंचम
विविध
62
7
0
7
16
[31 Jan 2010 06:25 AM]



Shuffle








