एक दूजे के लिए

Kuchh kahi kuchh unkahi (यह कृति जून १९८८ में मैंने बनाई थी और इसका नाम दिया था "मेड फॉर इच अदर"(एक दूजे के लिए)..)जाहिर है यह कृतित्व मेरे व्यक्तिगत भावों को दर्शाता है ..नीचे इस से जुडी एक छोटी सी कविता भी है ,जिन्हें मेरे दिल की धरकनो ने बुना, हाथों ने कलम उठाया, कागज़ पे... [पूरी पोस्ट]
writer Nihar Khan
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[30 Jan 2010 21:15 PM]

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