गजल

JHAROKHA जो बात लगी दिल में उसे याद दिलाया न करो बार बार वो वाकया यूं दुहराया न करो। तुम कह के चले जाते हो अपने रस्ते मैं सोचती ही रह जाऊं यूं परेशां किया न करो। अपने कीमती समय से चन्द लमहे निकालते हो तुम फ़िर सब्र से बैठो जरा यूं खड़े ही चले जाया न करो। हर आहट... [पूरी पोस्ट]
writer JHAROKHA

कविता

views
21
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
13
[30 Jan 2010 13:13 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix