ख्वाबों की दुनियां-हिन्दी शायरी (khvabon ki duniya-hindi literature poem)

दीपक भारतदीप की शब्द प्रकाश-पत्रिका दीवार के पीछे हीअपना चेहरा छिपाये रहो तुम,तुम हो एक सजा सजाया ख्वाब,कितने भी सवाल करूंनहीं देना उनका जवाब,तुम्हारे दिल के स्वर हीदिमाग की सोच में बजते रहे हैं,कई  शेर कहे हमने यह मानकरजैसे कि तुमने कहे हैं,अपने कड़वे सच के घूंटहमने जहर की तरह पिये... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

sher

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[30 Jan 2010 10:57 AM]

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