पिताजी
स्मृति गीत / शोक गीतयाद आ रही पिता तुम्हारीसंजीव 'सलिल' *याद आ रहीपिता तुम्हारी...*तुम सा कहाँ मनोबल पाऊँ?जीवन का सब विष पी पाऊँ.अमृत बाँट सकूँस्वजनों को-विपदा को हँससह मुस्काऊँ.विधि ने काहेबात बिगारी?याद आ रहीपिता तुम्हारी...*रही शीश पर जब तव छाया.तनिक...
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आचार्य संजीव वर्मा 'सलिल'
contemporary hindi poetry
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[30 Jan 2010 09:22 AM]



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