कहना होगा टर्र

स्वप्नलोक यह कहानी उस कुएं की है जो काफी  पुराना था । कुएं में पानी की कोई कमी न थी । जितना पानी खींचा जाता उतना ही धरती उसमें भर देती । कुएं में मेंढक भी काफी संख्या में थे । कुछ मेंढक कभी कभार बाल्टी में बैठकर कुएं के बाहर की दुनिया देख लेते थे । बाकी टीवी... [पूरी पोस्ट]
writer विवेक सिंह
views
42
upvote
5
downvote
0
rating
5
comments
12
[30 Jan 2010 01:56 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix