तरलता से ही जुड़ते तुम..
तुम नहीं होयह अनुभव नयन सजल कर देता है,तुम्हारा होना भीआँखे भर देता है ।तरलता से ही जुड़ते तुमहर कहीं, कभीं भी ।...
[पूरी पोस्ट]
हेमन्त कुमार
छोटी कविता
16
1
0
1
8
[29 Jan 2010 21:59 PM]



Shuffle








