जल सोचता है, अनुभव करता है और अभिव्यक्त भी करता है

MUKESH MISHRA गोवा-मुंबई की हाल की यात्रा में समुद्रों में जल का जो इंद्रधनुषी रूप देखने को मिला, उससे एकबार फिर यह समझ में आया कि जल को क्यों ऋषियों ने 'आपो ज्योति रसोsमृतम्' यानि ज्योति, रस और अमृत कहा था; और जल क्यों स्वभाव की निर्मलता और पारदर्शिता के उपमान के... [पूरी पोस्ट]
writer MUKESH MISHRA
views
30
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[14 Oct 2009 11:01 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix