मेरी आहों में असर है के नही देख तो लूँ -मेंहदी हसन
मेरी आहों में असर है के नही देख तो लूँउसको कुछ मेरी ख़बर है के नही देख तो लूँ मेंहदी हसन साहब की गाई ये ग़ज़ल कुछ कम सुनी- सुनी सी रह गई मेरी .सो बार बार सुनी जाये इसलिए यहाँ सहेजना ठीक लग रहा है.चित्र -साभार गूगल...
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पारूल
मेंहदी हसन
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[29 Jan 2010 11:06 AM]



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