खुशनसीब ...चोकी लामा !
अपने नसीब पर इतरा रहा है चोकी लामा ! भला हो बहिन सुशीला जी का जिन्होंने हम जैसे बदनसीबों को इतनी ठंडी में टैंट की ओट मुहया करवा दी.ठाठ से अपने जूते सर के नीचे दबा कर रात भर सोने के प्रयास में मशगूल रहते हैं '.तकिये का तकिया हिफाज़त की हिफाजत ' ग़ालिब मियां...
[पूरी पोस्ट]
L.R.Gandhi
13
0
0
0
3
[29 Jan 2010 07:58 AM]



Shuffle








