मनु दर्शन-कदाचरण के खिलाफ दंड आवश्यक (strong action against corruption-hindi sandesh)
यौ निक्षेपं नार्पयति यश्चानिक्षिप्य याचते।तावुभौ चैरवच्चासयो दाप्यौ या तस्समं दभम्।।हिंदी में भावार्थ-किसी की धरोहर नहीं लौटाने वाले तथा बिना ही रखे उसे मांगने वालो को चोर के समान दंड देना चाहिये। धरोहर की राशि के बराबर ही उन पर दंड लगाना...
[पूरी पोस्ट]
दीपक भारतदीप
आध्यात्म
12
0
0
0
1
[28 Jan 2010 20:24 PM]



Shuffle







