महानगरों में कम होते जिन्दगी के मायने
बात-बात पर जान लेने से पीछे नहीं हट रहे दिल्ली वालेलगता है दिल्ली सरीखे महानगरों में रहने लोग मानवीय संवेदनाओं से दूर होते जा रहे हैं। क्योंकि, छोटी-छोटी बातों पर भी लोग एक दूसरे की जान लेने से नहीं चूक रहे हैं। लोगों का गुस्सा और तनाव तो आदिम युग की...
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shailesh kumar vijay
हैवानियत
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[28 Jan 2010 14:57 PM]



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