कब तलक

दर्पण कब तलक यादों के सहारे बैठे रहेंगे कब तलक,आंखें थक गयी खुले न मेरी पलक मेहरबां तुम्हें याद नहीं अपने वादे,सपनों में ही सही दिखा दो एक झलकएक चान्द को दिल में बसाया था मैंने,वो चान्द जा बैठा बहोत दूर फलकजो जाम आंखों से पिलाये वो थे रसीले,"रत्ती" आज पीला दो... [पूरी पोस्ट]
writer SURINDER RATTI

गीत

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[19 Jul 2009 07:39 AM]

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