दूरियाँ
दूरियाँ अपनी हथेली पर मेरा नाम लिखा,फिर मिटा दिया बोल मेरे साथी तूने ऐसा,क्यों किया है नफ़रत की दीवार दिल में,गिरा दे उसे सरे ज़माने को बता दे,प्यार के सच्चे किस्सेभले दुनियाँ की दौलत दे दी,प्यार न दिया तो क्या दिया बोल मेरे साथी तूने ऐसा,क्यों किया अपनी...
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SURINDER RATTI
कविता
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[27 Jul 2009 08:10 AM]



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