मुहब्बत, रतजगे , आवारागर्दी

असुविधा (मदन मोहन दानिश इस दौर के बेहद ज़रूरी शायर हैं। उनसे और अतुल अजनबी से हम शहर वालों को ढेरों उम्मीदे हैं और दोनों ही अब तक इस पर खरे उतारे हैं। पिछली बार कुमार विनोद साहब की गज़लें पेश करने के बाद तय किया की इनका भी आपसे परिचय कराया जाय...हालांकि ये परिचय... [पूरी पोस्ट]
writer अशोक कुमार पाण्डेय

ग़ज़ल

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[28 Jan 2010 10:38 AM]

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