मेरे हिस्से का आसमान
शाम केधुंधलके मेंएक टुकड़ाआसमानमेरे आँगनमें उतरामुझे पुकारामेरे हिस्से केचाँद कीसंगमरमरीदुधिया रौशनी सेमेरे आँगन कोजगमगायातारों कीटिमटिमातीमखमलीचादर परसुलायाऔर ले गयास्वप्नों केजहान मेंजहाँ बादलों का एक टुकड़ालहलहाता साआया औरमेरे वजूद परइन्द्रधनुषी रंगों...
[पूरी पोस्ट]
वन्दना
26
4
0
4
22
[28 Jan 2010 05:10 AM]



Shuffle








