निकलने को है राजाज्ञा : ज्ञानेन्द्रपति
[ वरिष्ट कवि ज्ञानेन्द्रपति से कल सैमसुंग-साहित्य अकादमी पुरस्कार की बाबत चर्चा हुई तो उन्होंने कला संकाय के चौराहे पर यह कविता सुनाई तथा इसे छापने की इजाजत दी । कवि के प्रति आभार ।]
निकलने को है राजाज्ञा
(एक तारकशाली साहित्यिक संगोष्ठी में कविता की...
[पूरी पोस्ट]
अफ़लातून
कविताkavitahindihindi poemGyanendrapati
29
1
0
1
0
[28 Jan 2010 03:15 AM]



Shuffle








