चिट्ठाद्योग सेवा संस्थान............
जैसा कि पिछली पोस्ट में इस विषय पर विचार हो रहा था कि नियमित रूप से ब्लाग लिखना कितना श्रमसाध्य कार्य है। एक ओर यहाँ अपनी उपस्थिति बनाए रखने के लिए रोज रोज नये नये विषयों को खोजने, फिर उन पर कुछ अच्छा, बेहतरीन सा लिखने के लिए सामग्री जुटाने की चिन्ता,...
[पूरी पोस्ट]
पं.डी.के.शर्मा"वत्स"
ब्लागर्स
60
6
0
6
25
[28 Jan 2010 01:38 AM]



Shuffle








