अभी तक आदमी बनकर तुम्हे जीना नहीं आया..........

मा पलायनम ! खुशी हद से बढ़ी तो आ गए मुस्कान को आंसूकहीं कोई लुटा तो आ गये ईमान को आंसूचढ़ाकर लूट की संपत्ति तुमनें जीत माँगी तोपुजारी मुस्कराया आ गये भगवान को आंसू । पराई पीर का प्याला तुम्हे पीना नहीं आयामनुजता का फटा आंचल तुम्हे सीना नहीं आयाभले ही तुम फरिश्तों की... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ. मनोज मिश्र
views
28
upvote
6
downvote
0
rating
6
comments
23
[27 Jan 2010 21:53 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix