अरसे बाद यूं ही..
आज एक अरसे के बाद लिखने का मन हुआ तो लिखने बैठा गया...अच्छा लगा ये सोचकर कि चलो कुछ तो है जिसे मन के मुताबिक कर सकते है...मसलन लिखना, अब देखो ना एक साल तक मन नही हुआ तो नही लिखा और जब मन हुआ तो शूरू कर दिया...वक्त कब पंछी बनकर उड़ जाता है कुछ पता ही नही...
[पूरी पोस्ट]
Ujjawaltrivedi
19
1
0
1
3
[27 Jan 2010 13:47 PM]



Shuffle








