मंहगाई है जनता का भाग्य !!!

Kavya Kunj आखिरकार वह वक्त आ ही गया,सरकार ने माना मंहगाई है,कवायद शुरू हो गई,मंहगाई कम करने की नहीं,इल्जाम लगाने की एक दूसरे पर,विरोधी पक्ष ने बात पकड़ ली,तो फिर सब मिल गए,मंहगाई की बात फिर गए भूल,जनता का भाग्य जब यही है,तब सरकार क्या करे?... [पूरी पोस्ट]
writer Suresh Chnadra Gupta

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[27 Jan 2010 10:52 AM]

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