बाँट लो अपना घरौंदा

TAPASHWANI फायदा क्या साथ रहने में,यहाँ फिर बे-सबब |जब लगे बर्तन खनकने,यार हो जाओ अलग |जब सिर्फ अपनी बात ही,सबको सही लगने लगे|बाँट लो अपना घरौंदा,ताकि हंस कर मिल सके |बात एक दूजे कि जब,कान में चुभने लगे,मौन ब्रत धर  लो वहां,ताकि सुकून से... [पूरी पोस्ट]
writer Tapashwani Anand
views
13
upvote
2
downvote
0
rating
2
comments
3
[27 Jan 2010 08:09 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix