पिण्डारियों ने राजकुमारी कृष्णाकुमारी को जहर पीने पर विवश कर दिया
उन्नीसवीं शताब्दी के आरंभ में मराठों और पिण्डारियों के निरंतर आक्रमणों ने राजपूताना की राजनैतिक शक्ति को तोड़कर रख दिया था जिससे त्रस्त होकर राजपूताने की रियासतों ने सिंधियों तथा पठानों को अपनी सेनाओं में जगह दी। ये नितांत अनुशासनहीन सिपाही थे जो किसी...
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Mohanlal Gupta
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[27 Jan 2010 04:51 AM]



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