दीपक आस का
(दोस्तो, डा कुमार विनोद की ग़ज़लें आप इस ब्लाग पर पहले भी पढ़ चुके हैं. कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय मे बतौर असोसिएट प्रोफ़ेसर छात्रो को गणित की गुत्थियाँ सुलझाना सिखाते हुए विनोद जी कविता के लिए भी समय निकालते रहे. उनका ग़ज़ल संग्रह 'बेरंग हैं सब तितलियाँ'...
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pranava priyadarshee
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[27 Jan 2010 02:18 AM]



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